نعم هذا ما حدث بالتزامن مع انطلاق محادثات العاصمة
السويدية استوكهولم، جاء الاستمرار الحوثي في العرقلة ومحاولة القفز على
إجراءات بناء الثقة المفقودة وفق أجندتهم، لأكثر من مرة خرقت الميليشيات
الهدنة المعلنة في الحديدة، واستهدفت بقذائف الهاون والمدفعية المراكز
التجارية. واتسعت دائرة العنف لتشمل عدداً من منازل المدنيين، التي قصفها الانقلابيون بقذائف الهاون وبشكل عشوائي في مديرية التحيتا، ما أدى إلى
تدميرها ونهب محتوياتها. هكذا نقلت قناة العربية في السابع من الشهر
الجاري.
جاءت البداية عندما وقعت الحكومة اليمنية اتفاقاً
لتبادل مئات الأسرى مع ميليشيات الحوثي، قبيل بدء محادثات السويد. على أن يشمل الاتفاق الإفراج عن 1500 إلى 2000 عنصر من القوات الموالية للحكومة
و1000 إلى 1500 شخص من المتمردين الحوثيين. كذلك يشمل الاتفاق كافة
المعتقلين في سجون جماعة الحوثي بمن فيهم شقيق الرئيس اليمني عبدربه منصور
هادي ووزير الدفاع السابق محمود الصبيحي واللواء فيصل رجب والقيادي في حزب الإصلاح «محمد قحطان». وأقرت جماعة الحوثي بتوقيع ملف تبادل الأسرى
والمختطفين في منتصف تشرين الثاني (نوفمبر) الماضي برعاية الأمم المتحدة.وإن اتهمت الحكومة اليمنية الشرعية مراراً ميليشيات الحوثي، بعرقلة
تنفيذ ملف تبادل الأسرى والمختطفين منذ مشاورات الكويت في 2016، ووساطات
قادتها اللجنة الدولية للصليب الأحمر، واستخدامها المختطفين المدنيين كأسرى حرب في انتهاك سافر للقوانين الدولية.
ما يحدث هو أنه بين الحين والآخر يُعلن التحالف العربي لدعم الشرعية في اليمن، إحباط محاولة
لميليشيات الحوثيين ذلك نحو استهداف أمن الحدود الجنوبية، وإن استمرت
تهديدات ميليشيات الحوثي الإيرانية بشكل علني، مهددة سابقاً أنه في حال واصل التحالف العربي وقوات الشرعية اليمنية العمليات باتجاه الحديدة
بالجديد، ويبدو أن ميليشيات الحوثيين وجدت في التهديدات ملجأً في ظل
الخسائر التي تتعرض لها على كافة الجبهات. وبحسب تقارير سالفة كثيرة، منها ما يعلن عن فقد وقتل أعداد من الحوثيين أغلبهم من الأسرة المقربة لزعيم الميليشيا، بالإضافة لمن سقطوا في المواجهات التي شهدتها صنعاء مع أنصار
الرئيس السابق علي عبد الله صالح الذي قتل في 4 من ديسمبر (كانون الأول) العام الماضي.
في الوسط هنا يبقى
أمن البحر الأحمر دائماً ما يأتي ذكره وسط هذه الأحداث، فسبق أن استهدفت ميليشيات الحوثي الإيرانية سفناً وبوارج في البحر الأحمر، ليضاف إلى السجل الأسود الذي يهدد الملاحة الدولية، ما دفع قوات الشرعية اليمنية والتحالف
العربي لإطلاق معركة الساحل الغربي. لتدمير وإحباط عمليات.
وكانت
قوات التحالف العربي في اليمن أعلنت في وقت سابق عن تدمير زورق حربي لمليشيات الحوثي، غربي ميناء الحديدة، في وقت قتل العشرات من مسلحي الحوثي
بقصف جوي. والزورق كان يجوب مياه البحر الأحمر ويشكل تهديداً للملاحة
البحرية، إذ كان يستهدف سفناً تجارية على خطوط الملاحة الدولية. فسبق في
تشرين الثاني (نوفمبر) 2017، أن أعلن التحالف العربي بقيادة السعودية إحباط عمل وشيك كانت ميليشيات الحوثي تعده لاستهداف خطوط الملاحة البحرية
الدولية والتجارة العالمية في البحر الأحمر. التحالف أعلن حينها أنه استهدف
عناصر حوثية في جزيرة البوادي اليمنية قبالة محافظة الحديدة، لتخطيطها
أعمالاً عدائية تستهدف خطوط الملاحة الدولية.
الواقع أنه قد تكون
هناك ثمة تفاؤلاً حذراً يسود المشهد مع إعلان جولة المحادثات الجديدة بالسويد، ويعود إلى وجود متغيرات ميدانية على صعيد المواجهات العسكرية، إلى
جانب مستجدات سياسية تدفع أطراف الصراع إلى تقديم تنازلات للخروج بالأزمة
من عنق الزجاجة. فالانقلابي الحوثي أعلن عن مبادرة لإيقاف هجماته الصاروخية
على السعودية والإمارات، واستعداده لوقف المعارك داخل اليمن، استجابة
لجهود المبعوث الأممي. كما أعلنت حكومة هادي مشاركتها في المشاورات. كذلك
العامل الميداني الأهم في هذه المعادلة هو المتعلق بالهزائم الحوثية على
الأرض، هنا غير موقفه المتعنت وأعلن دعم المفاوضات المزمعة..
وهنا يرى المراقبون أن حرب التحالف على اليمن وصلت بالحوثي إلى نقطة لم يعد
قادراً معها على المضي قدماً، بسب الخسائر المادية والبشرية، وهو ما يدفعهم
لمحاولة الانسحاب من المستنقع الذي دخلت فيه الجماعة الانقلابية. الجديد وسط هذه الأحداث هو اعترف زعيم جماعة الحوثيين عبدالملك الحوثي بالهزائم
والخسائر الفادحة التي تتكبدها ميليشياته على جبهة الساحل الغربي، قائلاً إن»أي تراجع لأسباب موضوعية لا يعني نهاية المعركة». وظهر الحوثي في خطاب
متلفز بثته قناة «المسيرة» التابعة لجماعته قبل نهاية أيار (مايو) الماضي،
متحدثاً عن مستجدات المعارك، مشيراً إلى أن الخروق في الخط الساحلي قابلة للاحتواء والسيطرة. وناشد أبناء الحديدة عدم الفرار من المعارك، كما حذرهم من التقصير والتفريط والإرباك والقلق.
يبدو أن الحوثيين يراهنون على
تأزيم الوضع لإحراج الحكومة الشرعية ودول التحالف أمام المجموعة الدولية، التي تضغط في محافل كثيرة باتجاه وقف الحرب في اليمن. وفي هذا الاتجاه، اتهم المدير التنفيذي لبرنامج الأغذية العالمي، ديفيد بيزلي، الانقلابيين
بعرقلة وصول المساعدات الغذائية إلى المدنيين الذين دمرتهم الحرب في مناطق
مختلفة من البلاد، موضحاً أن الوكالة الدولية تعاني من حجب الحوثيين
لمعداتها وأجهزتها وأن الوضع في اليمن بات يائساً جداً.
الوفد
المفاوض عن جماعة الحوثيين ذهب إلى السويد للمشاركة في المشاورات برعاية الأمم المتحدة في العاصمة السويدية. مرافقاً المبعوث الأممي الخاص إلى الشأن اليمني، مارتن غريفيث. المشاوراتتجري بضواحي مدينة أوبسالا السويدية،
وهنا تبقى الحقيقة أن ميليشيا الانقلابيين، يوماً بعد يوم، تؤكد للمجتمع
الدولي بما لا يقبل الشك أنها جماعة إرهابية، وهو ما أكده التحالف العربي لدعم الشرعية مراراً، خصوصاً بعد عديد من إطلاق صواريخ استهدفت السعودية
قبل أن يتم إسقاطها بواسطة الدفاع الجوي، والتي تبين أنها صواريخ إيرانية
الصنع تم تسليهما للحوثيين. وأن تهديد الملاحة في البحر الأحمر يعد توثيقاً مؤكداً لإرهاب الحوثيين. وأن الحوثي الذي أهلك الحرث والنسل، وأفسد في
اليمن، وخان حليفه وشريكه يهدد الملاحة الدولية اليوم، كذلك فإن المنطقة أمام عصابة إرهابية. فمتى يعترف العالم بأن هذه التشكيلات والميليشيات
إرهابية؟
* كاتبة مصرية.
Tuesday, December 11, 2018
Wednesday, November 7, 2018
दक्षिण कोरिया का प्राचीन संबंध ऐतिहासिक संबंधों की आधारशिला
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को
कहा कि अयोध्या और दक्षिण कोरिया का प्राचीन जुड़़ाव है. यह भारत और पूर्वी
एशियाई देशों के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत रिश्ते की आधारशिला है. दक्षिण
कोरिया की प्रथम महिला किम जोंग सुक ने अयोध्या में दिवाली के उत्सव में
हिस्सा लिया और क्वीन ‘हो’ स्मारक पर अपनी श्रद्धांजलि दी.
प्रधानमंत्री मोदी ने अंग्रेजी और कोरियाई में ट्वीट किया,‘यह बेहद प्रसन्नता और गौरव की बात है कि कोरिया गणराज्य की प्रथम महिला श्रीमती किम जोंग सुक ने अयोध्या की यात्रा की और पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आयीं. भारत के लोग इसके लिए उनकी सराहना करते हैं.’
हरे रंग की साड़ी में किम ने यहां राम कथा पार्क में भव्य दीपोत्सव में हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा , ‘ अयोध्या और दक्षिण कोरिया का प्राचीन जुड़़ाव है. यह जुड़़ाव भारत और कोरिया गणराज्य के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों की आधारशिला बनाता है. ’ पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह सेना के जवानों के साथ बुधवार को दिवाली मनाएंगे और अपने अनुभवों की तस्वीरें साझा करेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी बुधवार को केदारनाथ भी जांएगे.
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से दिवाली की शुभकामनाओं के जवाब में पीएम मोदी ने कहा,‘हर साल मैं अपने सीमावर्ती इलाके में जाता हूं और अपने जवानों को हैरान करता हूं. इस साल भी बहादुर जवानों के साथ मनाउंगा. उनके साथ वक्त गुजारना खास होता है.’
इज़राइल के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया,‘इज़राइल के लोगों की ओर से, मैं अपने प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं देना चाहता हूं. रोशनी के इस चमकदार त्योहार से आपको खुशी और समृद्धि मिले. हमें बेहद ख़ुशी होगी अगर आप इस ट्वीट का उत्तर, उस शहर के नाम से दें जहां आप यह त्योहार मना रहे हैं.’
नई दिल्ली: देशभर में आज दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा. पीएम नरेंद्र मोदी इस साल भी दिवाली जवानों के साथ ही मनाएंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह सेना के जवानों के साथ बुधवार को दिवाली मनाएंगे और अपने अनुभवों की तस्वीरें साझा करेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी बुधवार को केदारनाथ भी जांएगे.
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से दिवाली की शुभकामनाओं के जवाब में पीएम मोदी ने कहा,‘हर साल मैं अपने सीमावर्ती इलाके में जाता हूं और अपने जवानों को हैरान करता हूं. इस साल भी बहादुर जवानों के साथ मनाउंगा. उनके साथ वक्त गुजारना खास होता है.’
इज़राइल के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया,‘इज़राइल के लोगों की ओर से, मैं अपने प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं देना चाहता हूं. रोशनी के इस चमकदार त्योहार से आपको खुशी और समृद्धि मिले. हमें बेहद ख़ुशी होगी अगर आप इस ट्वीट का उत्तर, उस शहर के नाम से दें जहां आप यह त्योहार मना रहे हैं.’ पीएम मोदी नरेंद्र मोदी बुधवार को केदारनाथ भी जाएंगे जहां वह उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बाबा केदार के धाम में पूजा अर्चना के साथ ही केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा करेंगे. मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री केदारनाथ सुबह करीब पौने दस बजे केदारनाथ पहुंचेंगे. उन्होंने बताया कि मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद वह केदारपुरी में चल रही पुनर्निर्माण परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे . उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि केदारपुरी में चल रही परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराने के लिये मंदिर परिसर में बने अतिथि गृह में उन्हें एक वीडियो भी दिखाया जायेगा . मुख्य सचिव ने बताया कि केदारपुरी पुनर्निर्माण परियोजना कार्यों का प्रधानमंत्री ने पिछले साल अपने भ्रमण के दौरान शिलान्यास किया था . केदारपुरी पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री की प्राथमिकता सूची में शामिल है और वह समय—समय पर वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इन कार्यों की प्रगति की निगरानी करते रहते हैं . प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से मोदी का यह राज्य का दसवां दौरा है
प्रधानमंत्री मोदी ने अंग्रेजी और कोरियाई में ट्वीट किया,‘यह बेहद प्रसन्नता और गौरव की बात है कि कोरिया गणराज्य की प्रथम महिला श्रीमती किम जोंग सुक ने अयोध्या की यात्रा की और पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आयीं. भारत के लोग इसके लिए उनकी सराहना करते हैं.’
हरे रंग की साड़ी में किम ने यहां राम कथा पार्क में भव्य दीपोत्सव में हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा , ‘ अयोध्या और दक्षिण कोरिया का प्राचीन जुड़़ाव है. यह जुड़़ाव भारत और कोरिया गणराज्य के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों की आधारशिला बनाता है. ’ पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह सेना के जवानों के साथ बुधवार को दिवाली मनाएंगे और अपने अनुभवों की तस्वीरें साझा करेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी बुधवार को केदारनाथ भी जांएगे.
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से दिवाली की शुभकामनाओं के जवाब में पीएम मोदी ने कहा,‘हर साल मैं अपने सीमावर्ती इलाके में जाता हूं और अपने जवानों को हैरान करता हूं. इस साल भी बहादुर जवानों के साथ मनाउंगा. उनके साथ वक्त गुजारना खास होता है.’
इज़राइल के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया,‘इज़राइल के लोगों की ओर से, मैं अपने प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं देना चाहता हूं. रोशनी के इस चमकदार त्योहार से आपको खुशी और समृद्धि मिले. हमें बेहद ख़ुशी होगी अगर आप इस ट्वीट का उत्तर, उस शहर के नाम से दें जहां आप यह त्योहार मना रहे हैं.’
नई दिल्ली: देशभर में आज दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा. पीएम नरेंद्र मोदी इस साल भी दिवाली जवानों के साथ ही मनाएंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह सेना के जवानों के साथ बुधवार को दिवाली मनाएंगे और अपने अनुभवों की तस्वीरें साझा करेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी बुधवार को केदारनाथ भी जांएगे.
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से दिवाली की शुभकामनाओं के जवाब में पीएम मोदी ने कहा,‘हर साल मैं अपने सीमावर्ती इलाके में जाता हूं और अपने जवानों को हैरान करता हूं. इस साल भी बहादुर जवानों के साथ मनाउंगा. उनके साथ वक्त गुजारना खास होता है.’
इज़राइल के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया,‘इज़राइल के लोगों की ओर से, मैं अपने प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं देना चाहता हूं. रोशनी के इस चमकदार त्योहार से आपको खुशी और समृद्धि मिले. हमें बेहद ख़ुशी होगी अगर आप इस ट्वीट का उत्तर, उस शहर के नाम से दें जहां आप यह त्योहार मना रहे हैं.’ पीएम मोदी नरेंद्र मोदी बुधवार को केदारनाथ भी जाएंगे जहां वह उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बाबा केदार के धाम में पूजा अर्चना के साथ ही केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा करेंगे. मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री केदारनाथ सुबह करीब पौने दस बजे केदारनाथ पहुंचेंगे. उन्होंने बताया कि मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद वह केदारपुरी में चल रही पुनर्निर्माण परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे . उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि केदारपुरी में चल रही परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराने के लिये मंदिर परिसर में बने अतिथि गृह में उन्हें एक वीडियो भी दिखाया जायेगा . मुख्य सचिव ने बताया कि केदारपुरी पुनर्निर्माण परियोजना कार्यों का प्रधानमंत्री ने पिछले साल अपने भ्रमण के दौरान शिलान्यास किया था . केदारपुरी पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री की प्राथमिकता सूची में शामिल है और वह समय—समय पर वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इन कार्यों की प्रगति की निगरानी करते रहते हैं . प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से मोदी का यह राज्य का दसवां दौरा है
Tuesday, October 9, 2018
हीं आपको भी तो नहीं मिला क्लोन फेसबुक अकाउंट का मैसेज, इसे इग्नोर करें क्योंकि ये फर्जी है
सोशल मीडिया पर रविवार को
एक मैसेज तेजी से वायरल हुआ, जिसने फेसबुक यूजर्स को चिंता में डाल दिया।
दरअसल, इस मैसेज में दावा किया गया कि 'आपके फेसबुक अकाउंट का क्लोन बना
लिया गया है और उससे रिक्वेस्ट आ रही है।' इस मैसेज में इसे ज्यादा से
ज्यादा लोगों को फॉरवर्ड करने की सलाह भी दी गई।
दरअसल, हाल ही में फेसबुक ने 5 करोड़ यूजर्स का अकाउंट हैक होने की बात कही है, जिसके बाद से इस तरह का
मैसेज वायरल हो रहा है। हालांकि हमारी पड़ताल में सामने आया कि हालिया डेटा
ब्रीच का इस वायरल मैसेज से न ही कोई संबंध है और न ही किसी अकाउंट का
क्लोन बनाया गया है।
कल मुझे आपकी तरफ से एक और फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली, जिसे मैंने नजरअंदाज कर दिया ताकि आप अपना अकाउंच चेक कर सकें। अपनी उंगली को इस मैसेज पर तब तक रखें जब तक फॉरवर्ड बटन न दिखें, उसके बाद इस मैसेज को उन सभी लोगों को फॉरवर्ड करें, जिन्हें आप करना चाहते हैं। मैंने सभी लोगों को कर दिया है। गुड लक!
- ट्विटर पर कई यूजर्स ने इस मैसेज के स्क्रीनशॉट को शेयर किया और लोगों को अकाउंट क्लोनिंग को लेकर चेताया। लेकिन कई यूजर्स ने भी कहा कि ये फेक मैसेज है और इस तरह का कुछ हुआ ही नहीं।
- फेसबुक अकाउंट क्लोन का मतलब होता है कि किसी दूसरे व्यक्ति ने आपकी फोटो, आपका नाम और आपकी सारी इन्फोर्मेशन चुराकर इसी नाम और फोटो के साथ दूसरा फेसबुक अकाउंट बना लिया।
- आपके ही नाम से कोई दूसरा अकाउंट भी बना है या फिर अकाउंट की क्लोनिंग हुई है या नहीं, ये पता करने के लिए फेसबुक पर अपने ही नाम से सर्च कीजिए।
- फेसबुक अकाउंट क्लोन का मतलब होता है कि किसी दूसरे व्यक्ति ने आपकी फोटो, आपका नाम और आपकी सारी इन्फोर्मेशन चुराकर इसी नाम और फोटो के साथ दूसरा फेसबुक अकाउंट बना लिया।
- क्लोन हैकिंग से पूरी तरह अलग है। क्लोनिंग में एक ही नाम से एक डुप्लीकेट अकाउंट बनाया जाता है, जबकि हैकिंग में हैकर अकाउंट को एक्सेस कर सकता है।
- आपके ही नाम से कोई दूसरा अकाउंट भी बना है या फिर अकाउंट की क्लोनिंग हुई है या नहीं, ये पता करने के लिए फेसबुक पर अपने ही नाम से सर्च कीजिए।
- अगर सर्चिंग में आपको आपके नाम और फोटो का ही दूसरा अकाउंट मिलता है तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि उसे डिलीट किया जा सके।
कल मुझे आपकी तरफ से एक और फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली, जिसे मैंने नजरअंदाज कर दिया ताकि आप अपना अकाउंच चेक कर सकें। अपनी उंगली को इस मैसेज पर तब तक रखें जब तक फॉरवर्ड बटन न दिखें, उसके बाद इस मैसेज को उन सभी लोगों को फॉरवर्ड करें, जिन्हें आप करना चाहते हैं। मैंने सभी लोगों को कर दिया है। गुड लक!
- विटर पर कई यूजर्स ने इस मैसेज के स्क्रीनशॉट को शेयर किया और लोगों को अकाउंट क्लोनिंग को लेकर चेताया। लेकिन कई यूजर्स ने भी कहा कि ये फेक मैसेज है और इस तरह का कुछ हुआ ही नहीं।
- . ने फेसबुक अधिकारियों के हवाले से बताया है कि फेसबुक अकाउंट की क्लोनिंग का कोई भी मामला सामने नहीं आया है और इस तरह का मैसेज इसलिए वायरल हो रहा है, क्योंकि लोग इससे डर रहे हैं।
- इसके अलावा सरकारी संस्था
Thursday, September 27, 2018
हत्या का 19 साल पुराना मामला जिससे परेशान हैं योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को महराजगंज की सत्र अदालत ने 19 साल पुराने एक मामले में नोटिस
भेजा है और एक हफ़्ते के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा है.
मामले
की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी. हालांकि, इस मामले को महराजगंज की ही
सीजेएम कोर्ट ने पिछले दिनों ख़ारिज कर दिया था लेकिन हाईकोर्ट ने इसे
दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है.साल 1999 में महराजगंज के पचरुखिया में क़ब्रिस्तान और श्मशान की ज़मीन को लेकर हुए विवाद के मामले में गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ समेत कुछ लोगों के ख़िलाफ़ महराजगंज कोतवाली में केस दर्ज किया था.
इस विवाद में समाजवादी पार्टी की नेता तलत अजीज़ के सुरक्षा गार्ड और पुलिस कांस्टेबल सत्यप्रकाश यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी.
इस मामले में तलत अजीज़ ने योगी और उनके साथियों के ख़िलाफ़ 302, 307 समेत आईपीसी की कई धाराओं में एफ़आईआर दर्ज कराई थी जबकि बाद में महराजगंज कोतवाली के तत्कालीन एसओ बीके श्रीवास्तव ने भी योगी और 21 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.
वहीं, इस मामले में तीसरी एफ़आईआर तत्कालीन सांसद और मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से तलत अजीज़ और उनके साथियों के ख़िलाफ़ दर्ज कराई गई थी जिसमें तलत अजीज़ और उनके साथियों पर योगी के काफ़िले पर हमला करने का आरोप लगाया गया था.
राज्य की तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार ने मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराई थी जिसने अंतिम रिपोर्ट लगाकर बाद में मामले को बंद कर दिया था.
मामले की याचिकाकर्ता और घटना की प्रत्यक्षदर्शी रहीं तलत अजीज़ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "ये एक बहुत ही छोटा मामला था जो कि प्रधान स्तर पर ही सुलझ सकता था लेकिन कुछ लोगों ने इसे इतना बड़ा बना दिया. दरअसल, 10 फ़रवरी 1999 को हम लोग सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और सड़क जाम कर रहे थे. तभी कुछ लोगों ने मुझसे उस पचरुखिया गांव चलने की अपील की जहां कब्रिस्तान को लेकर चार दिन पहले विवाद हुआ था."
तलत अजीज़ बताती हैं कि वहीं योगी आदित्यनाथ अपने तमाम समर्थकों के साथ पहुंच गए और तभी कुछ लोगों ने फ़ायरिंग शुरू कर दी.
उनके मुताबिक़, फ़ायरिंग काफ़ी देर तक चलती रही और लोग इधर-उधर जान बचाकर भागे.
वह कहती हैं, "इसी दौरान मुझे लक्ष्य करके किसी ने गोली चलाई लेकिन सत्य प्रकाश यादव जो कि मेरी सुरक्षा में तैनात था, वो आगे पड़ गया और गोली लगने से उसकी तत्काल मौत हो गई."
तलत अजीज़ के मुताबिक़, घटना की शुरुआत क़ब्रिस्तान में स्थित एक पीपल के पेड़ से हुई.
वो कहती हैं,"क़ब्रिस्तान में एक पीपल का पेड़ था. उसे कुछ मुसलमानों ने इसलिए काट दिया क्योंकि वो सूख गया था. इसे लेकर कुछ हिन्दू लोग भड़क गए और फिर ग़ुस्से में कई क़ब्रों के पास पीपल के पेड़ लगा दिए गए. इसके चलते वहां बड़ा सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था. कई दिनों तक पीएसी तैनात रही."
ये मामला क़रीब 19 साल तक महराजगंज की सीजेएम कोर्ट में चला और इसी साल 13 मार्च को सीजेएम कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया.
तलत अजीज़ ने इस फ़ैसले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी और फिर उच्च न्यायालय ने सीजेएम कोर्ट के फ़ैसले को निरस्त करते हुए मामले की महराजगंज के ज़िला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई के निर्देश दिए.
योगी आदित्यनाथ और कुछ अन्य लोगों को इसी मामले में नोटिस भेजा गया है.
सिर्फ़ हम और आप ही नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कॉल ड्रॉप से परेशान हैं.
यह ख़बरटाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी है. पीएम मोदी ने अपना ये अनुभव मंत्रालयों के सचिवों से बातचीत के दौरान शेयर किया. उन्होंने इस बैठक में ये कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट से अपने आधिकारिक आवास पर जाते वक़्त वो किसी से फ़ोन पर बात कर रहे थे और बार-बार उनकी कॉल ड्रॉप होती रहीं.
इसके बाद उन्होंने दूरसंचार मंत्रालय को टेलीकॉम कंपनियों से मिलकर समस्या का समाधान ढूंढ़ने का निर्देश दिया. इस बैठक में भारत की दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन भी शामिल थीं.
कॉल ड्रॉप की शिक़ायत क़रीब हर मोबाइल फ़ोन यूज़र को रहती है.
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका द्वारा ईरान पर लगाई पाबंदियों की वजह से उसे भारत जैसे बड़े तेल के ग्राहक को खोना पड़ सकता है.
अख़बार इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के हवाले से लिखता है कि भारत ने नवंबर महीने में ईरान से कच्चा तेल मंगाने का ऑर्डर अब तक नहीं दिया है.
यह जानकारी दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने दी है.
अख़बार के मुताबिक तेल उद्योग के एक बड़े अधिकारी ने कहा है कि नायरा एनर्जी भी इसी नक्शेकदम पर चल रही है और उसकी भी ईरान से तेल ख़रीदने की कोई योजना नहीं है.
चीन के बाद भारत ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है. अमरीका द्वारा ईरान पर पाबंदियां लगाने के भारत ने कहा था कि वो किसी दूसरे देश के दबाव में अपने फ़ैसले नहीं ले सकता.
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र का पर्यारवण से सम्बन्धित सर्वोच्च पुरस्कार से नवाजा गया है.
इसे 'चैंपियंस ऑफ़ द अर्थ अवॉर्ड' कहा जाता है. यह पुरस्कार पर्यावरण के मोर्चे पर उल्लेखनीय काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है.
यह पुरस्कार उन्हें इंटरनेशनल सोलर अलाएंस के नेतृत्व और साल 2022 तक भारत में प्लास्टिक का इस्तेमाल ख़त्म करने का वादा करने के लिए दिया गया है.
पीएम मोदी के अलावा यह पुरस्कार फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत चार अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों को दिया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक पूर्व राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के नेता वीरपाल यादव पर कांवड़ियों और हिंदू देवी-देवताओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफ़आई दर्ज की गई है.
वीरपाल यादव ने कहा था, "कांवड़ियें ऐसी भगवा टीशर्ट पहनकर निकलते हैं जिन पर आगे की तरफ़ मोदी की तस्वीर होती है और पीछे की तरफ़ योगी की. उनके एक हाथ में तलवार होती है और दूसरे में शराब की बोतल. वो ये कहते हुए नाचते हैं कि अखिलेश यादव ने कांवड़ यात्रा में डीजे पर रोक लगा दी और योगी ने इसे फिर से शुरू करवा दिया. मुझे समझ में नहीं आता कि इन सब से भगवान शिव कैसे ख़ुश हो सकते हैं.''
उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुसलमान लड़के के साथ दिखने पर पुलिस की पिटाई झेलने वाली लड़की का कहना है कि पुलिस ने उसे उसके दोस्त पर बलात्कार का मामला दर्ज कराने का दबाव बनाया.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ पुलिस ने लड़की से कहा कि अगर वो मुसलमान लड़के पर रेप का केस करती है तो वो उसे जाने देंगे.
लड़की ने अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैं पुलिस स्टेशन में बैठी अपने घरवालों का इंतज़ार कर रही थी और पुलिसवाले मुझ पर मेरे दोस्त के ख़िलाफ़ बलात्कार का मामला दर्ज कराने का दबाव बना रहे थे. उन्होंने मेरे घरवालों को भी यही सलाह दी.''
इस बारे में पूछे जाने पर मेरठ के एसपी (सिटी) ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि अगर लड़की पर वाक़ई दबाव डाला गया तो ऐसा करने वाले पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक महिला कॉन्स्टेबल लड़की को पीटते हुए उसे मुस्लिम पार्टनर चुनने के लिए गालियां दे रही थी.
Monday, September 17, 2018
中莫双边协议能助莫桑比克实现可持续林业吗?
莫桑比克恢宏壮丽的森林正遭受着规模同样宏大的威胁。和世界上很多森林一样,法律薄弱、腐败猖獗以及非法和过度采伐正在摧毁这一宝贵的资源。
但正如我们在环境与发展国际研究所今天发布的新报告《莫桑比克森林里的中国:生计和可持续性问题及进展综述》中所展示的那样,有了最大贸易伙伴中国的支持,莫桑比克有机会扭转这一局势。通过法规,鼓励中国企业及其在莫桑比克的合作伙伴在该国投资高价值加工产业,以及加强执法对于制止这种破坏至关重要。
令人震惊的是,莫桑比克每年有21.9万公顷的森林遭到砍伐——约每分钟1万平方米。
这不仅会对生物多样性以及减轻气候变化影响的工作产生严重影响,而且关系到莫桑比克的经济状况,有损其可持续发展和造福民众的能力。
更强大的伙伴关系
莫桑比克93%的木材出口至中国,因此后者在莫桑比克森林未来的发展方向方面发挥着关键作用。6月,两国签署了一项谅解备忘录,同意合力制止森林破坏,让莫桑比克民众与中国投资者一道共享林业生产带来的益处。
这一举动是帮助拯救这些森林的关键机会。通过签署谅解备忘录,莫桑比克可以成为其他国家学习如何发展可行的、基于可持续采购的林业产品体系的榜样。而中国承诺在莫桑比克投资建立木材加工厂,将有助于结束当地对华原木出口的历史,并且可以引进现代高效的加工设施,减少浪费,充分利用木材,为当地人创造就业机会,增加当地急需的税收收入。
中国驻莫桑比克的企业已经率先采取了行动,其中一家是森林先生有限公司( .)。2017年,我曾见过公司的首席执行官郑飞。他15年前来到莫桑比克,用他的话说是“爱上了当地的树木”。从他的身上,我们看到热爱森林和用森林做生意是如何二者兼得的。他已经建立了可持续经营实践,采用了中国政府关于良好林业的指导方针,支持相关社区参与推广非木材类的林业产品。但其他中国投资者还需采取更多行动。结非法采伐
协议还希望两国政府合作建立一个双边审核系统,从而打击非法采伐,加强审理的可持续管理。正如我们的报告所示,重要的是,审核系统必须包括开发一个基于互联网和条形码的电子木材追踪系统,可以实现整条供应链的实时数据录入和检查。这对打击腐败、保护森林至关重要。
从莫桑比克流出的木材量往往远高于官方记录的数字。根据联合国商品贸易统计数据库,2013年莫桑比克报告的对华出口木材量为280796立方米,但中国方面记录的进口数量却是这个数字的两倍还多,达601919立方米。
检查和监测工作也需要改进。根据莫桑比克森林专家的计算,为了执行新的木材追踪系统,需要将森林检查员的人数从630名增加至1800名。
长期管理
莫桑比克还需对森林管理和森林法进行重大改革。其中一个问题是如何分配采伐林地,因为普通采伐许可证这种管理办法破坏性尤其大。
普通许可证授权的采伐面积最多为1万公顷,每5年更新一次。但有些许可证的授权面积达到了6万公顷,明显超出限额。由于许可期限短,企业不会等待较小的树木成熟以供未来砍伐,所以森林中的珍贵树种容易一并遭到集体砍伐。取消普通许可证,规定所有特许经营期限为50年,对企业遵守可持续管理计划的情况定期进行评估等必须成为标准。
除了确保谅解备忘录中有关在莫桑比克建设工业规模特许经营权配套加工设施的内容得到有效落实之外,该国的森林法还需将商业林权授予已经拥有土地权的林业社区,其中可以包括建立新的社区森林特许经营权,条件是社区要保持森林的完整。社区有权通过将木材销售给第三方来赚钱,从而调动他们保护森林的积极性。
为了我们的子孙后代,必须采取行动拯救莫桑比克的森林。这一点毋庸置疑。中莫双方必须共同努力,使之成为现实。
但正如我们在环境与发展国际研究所今天发布的新报告《莫桑比克森林里的中国:生计和可持续性问题及进展综述》中所展示的那样,有了最大贸易伙伴中国的支持,莫桑比克有机会扭转这一局势。通过法规,鼓励中国企业及其在莫桑比克的合作伙伴在该国投资高价值加工产业,以及加强执法对于制止这种破坏至关重要。
令人震惊的是,莫桑比克每年有21.9万公顷的森林遭到砍伐——约每分钟1万平方米。
这不仅会对生物多样性以及减轻气候变化影响的工作产生严重影响,而且关系到莫桑比克的经济状况,有损其可持续发展和造福民众的能力。
更强大的伙伴关系
莫桑比克93%的木材出口至中国,因此后者在莫桑比克森林未来的发展方向方面发挥着关键作用。6月,两国签署了一项谅解备忘录,同意合力制止森林破坏,让莫桑比克民众与中国投资者一道共享林业生产带来的益处。
这一举动是帮助拯救这些森林的关键机会。通过签署谅解备忘录,莫桑比克可以成为其他国家学习如何发展可行的、基于可持续采购的林业产品体系的榜样。而中国承诺在莫桑比克投资建立木材加工厂,将有助于结束当地对华原木出口的历史,并且可以引进现代高效的加工设施,减少浪费,充分利用木材,为当地人创造就业机会,增加当地急需的税收收入。
中国驻莫桑比克的企业已经率先采取了行动,其中一家是森林先生有限公司( .)。2017年,我曾见过公司的首席执行官郑飞。他15年前来到莫桑比克,用他的话说是“爱上了当地的树木”。从他的身上,我们看到热爱森林和用森林做生意是如何二者兼得的。他已经建立了可持续经营实践,采用了中国政府关于良好林业的指导方针,支持相关社区参与推广非木材类的林业产品。但其他中国投资者还需采取更多行动。结非法采伐
协议还希望两国政府合作建立一个双边审核系统,从而打击非法采伐,加强审理的可持续管理。正如我们的报告所示,重要的是,审核系统必须包括开发一个基于互联网和条形码的电子木材追踪系统,可以实现整条供应链的实时数据录入和检查。这对打击腐败、保护森林至关重要。
从莫桑比克流出的木材量往往远高于官方记录的数字。根据联合国商品贸易统计数据库,2013年莫桑比克报告的对华出口木材量为280796立方米,但中国方面记录的进口数量却是这个数字的两倍还多,达601919立方米。
检查和监测工作也需要改进。根据莫桑比克森林专家的计算,为了执行新的木材追踪系统,需要将森林检查员的人数从630名增加至1800名。
长期管理
莫桑比克还需对森林管理和森林法进行重大改革。其中一个问题是如何分配采伐林地,因为普通采伐许可证这种管理办法破坏性尤其大。
普通许可证授权的采伐面积最多为1万公顷,每5年更新一次。但有些许可证的授权面积达到了6万公顷,明显超出限额。由于许可期限短,企业不会等待较小的树木成熟以供未来砍伐,所以森林中的珍贵树种容易一并遭到集体砍伐。取消普通许可证,规定所有特许经营期限为50年,对企业遵守可持续管理计划的情况定期进行评估等必须成为标准。
除了确保谅解备忘录中有关在莫桑比克建设工业规模特许经营权配套加工设施的内容得到有效落实之外,该国的森林法还需将商业林权授予已经拥有土地权的林业社区,其中可以包括建立新的社区森林特许经营权,条件是社区要保持森林的完整。社区有权通过将木材销售给第三方来赚钱,从而调动他们保护森林的积极性。
为了我们的子孙后代,必须采取行动拯救莫桑比克的森林。这一点毋庸置疑。中莫双方必须共同努力,使之成为现实。
Monday, September 3, 2018
'स्त्री': एक आकर्षक वेश्या जो पुरुषों को नग्न तो करती थी मगर उनका रेप नहीं करती
सवाल बड़ा वाजिब है. पुरुष तो हुए भूत. भूत अंकल. भूतनाथ. ‘चमत्कार’ वाला मार्को. दिल के अच्छे, लोगों की मदद करने वाले. मगर औरतें ठहरी चुड़ैल. पाएं तो कच्चा नोच लें. मेनका की तरह भोले-भाले पुरुष को रिझाकर उसका काम लगा दें. चुड़ैलें दूसरों का भला करने नहीं आतीं. वे तो बदला लेने आती हैं. इसीलिए हमारे कल्चर में उन्हें मार डाला जाता है, जला दिया जाता है.
विच हंटिंग का पक्का डाटा मिलना मुश्किल है. मगर नेशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो का एक पुराना डाटा बताता है कि 1991 से लेकर 2010 के बीच लगभग 1700 औरतों को चुड़ैल बताकर मारा गया था. उनके नाखून बड़े थे? वो रात में लोगों का खून पीने निकलती थीं? नहीं. उनकी गलतियां छोटी थीं. कभी अपनी औकात से ऊपर का कोई काम कर दिया था. कभी ऊंची जात वालों की मर्यादा को ठेस पहुंचा दी थी.
पुस्तक भंडार वाले रुद्र (पंकज त्रिपाठी) ने बताया था कि गांव में एक ‘आकर्सक बेस्या’ हुआ करती थी. उसे प्रेम हो गया. ऐसा नहीं है कि वेश्या को प्रेम नहीं हो सकता. मगर हम लोगों को लगता है कि जो पहले ही दसियों मर्दों के साथ सो चुकी है, उसके प्रेम का क्या मोल? प्रेम करने की इजाज़त असल में हर औरत को है. मगर उसे ज़ाहिर करने की नहीं. क्योंकि जहां औरत मुखर होने लगती है, वहीं से उसकी चुड़ैल बनने की प्रक्रिया चालू हो जाती है.
एक तो वेश्या, ऊपर से प्रेम! इसलिए उसे मार डाला गया. पर वो प्रेम की तलाश में वापस आई. चुड़ैल जो थी. चुड़ैलें कभी पुरुषवादी समाज के नियमों से नहीं चलतीं, इसीलिए वे चुड़ैलें होती हैं. वो चुड़ैल थी इसलिए उसे मर्द चाहिए था या उसे मर्द चाहिए था इसलिए वो चुड़ैल थी, ये कह पाना मुश्किल है. असल में हमारे लिए दोनों बातों के मायने एक ही होते हैं.
पुरुषवादी समाज को लगा कि स्त्री सुहागरात की भूखी है. एक बार एक पुरुष उससे यौन संबंध स्थापित कर लेगा तो वो चली जाएगी. पर वो तो सुहागरात की सेज तक पहुंची ही नहीं!
हर मुखर औरत को सेक्स चाहिए हो, जरूरी तो नहीं. महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली औरतों की जब कोई नहीं सुनता, उन्हें नग्न होकर विरोध प्रदर्शन करते देखा गया है. क्या करें, वे नग्न न हों तो उनकी सुनेगा कौन? जबतक नग्न लड़कियों के सड़क पर घूमने से पुरुषवाद की मर्यादा को ठेस न पहुंचे, तबतक भला समाज क्यों सुनेगा उनकी? देश की पहली ट्रांसजेंडर कॉलेज प्रिंसिपल मानबी बंदोपाध्याय से एक संवाद हो रहा था. उन्होंने कहा – “जानते हैं आप, हम हिजड़े इतना लाली-पौडर लगाकार क्यों निकलती हैं? ताकि आप हमें नोटिस करें.” जो स्त्री गांव के पुरुषों को डराकर, नग्न कर ले न जाती, कोई उसपर ध्यान क्यों देता? जो कोई उससे डरता नहीं, उसकी बात कैसे मानता?
औरतों को यौनिकता से अलग कर देख पाना हमारे लिए आज भी असंभव है. इसलिए पुरुषों का धन लुटता है. और औरतों की इज्जत. ‘राज़’ फिल्म की भूतनी हो, ‘भूल भुलैय्या’ की मंजुलिका या फिर ‘स्त्री’ की स्त्री, सब प्रेम की मारी थीं. स्त्री ये कहती है कि आप उसकी यौनिकता को कब तक कैद कर रखेंगे? उसे मार डालेंगे? पर वो तो मरेगी नहीं. हर औरत पुरुषवाद की चौकीदार या उसकी कैदी नहीं बन सकती. कुछ उसमें सेंध मार अपना हिस्सा लेने आती रहेंगी. जिस दिन एक साथ आएंगी, ये प्राचीर ढह जाएगी.
उसी दिन की एक झलक स्त्री में मिलती है. पूरा गांव खौफ में है. पुरुष साड़ी पहनकर, डर-डरकर निकल रहे हैं. घर पे अकेले रहते डर लगता है. रात को बाहर निकलते डर लगता है. पत्नियों के पल्लुओं में छिपे जा रहे हैं. कमाल की बात है कि औरतें सैकड़ों साल से इसी तरह जी रही हैं क्योंकि उन्हें ‘पुरुष’ का डर है. ये पुरुष उन्हें या तो नुकसान पहुंचाएगा या उनकी रक्षा करेगा. कैसा विरोधाभास है कि पुरुषवादी समाज में पुरुष ही औरत को मार भी रहा है और बचा भी रहा है. रेप भी कर रहा है और राखी भी बंधवा रहा है. अंत में चंदेरी में यही हुआ जो हमारे समाज में सैकड़ों वर्षों से हो रहा है. बस लैंगिक रूप से उलट. नुकसान पहुंचाने वाली स्त्री को पुरुषों ने अपना रक्षक बना लिया. ‘ओ स्त्री, रक्षा करना.’
‘स्त्री किसी को बिना इजाज़त नहीं ले जाती है. वो स्त्री है, पुरुष नहीं.’
हिंसा स्त्री की प्रवृत्ति नहीं थी. वो जिस भी पुरुष को ले गई, सब जीवित वापस आए. वो पुरुषों का यौन शोषण नहीं करना चाह रही थी. वो अपनी मौजूदगी का एहसास दिलाना चाह रही थी. वो भूत न होती तो उसकी मौजूदगी पता नहीं पड़ती. जैसे हमारे घर में बहुओं, बुढ़ाती माओं की मौजूदगी के मायने नहीं होते. गैर-मौजूदगी के होते हैं. उनकी इच्छाएं क्या हैं, उन्हें फल कौन सा पसंद है, फिल्म कौन सी पसंद है, उनका पसंदीदा रंग क्या है, कोई नहीं जानता. खाना ख़त्म हो जाता है तो वो क्या खाती हैं, कोई नहीं जानता. पैड नहीं होते तो पीरियड के दौरान क्या करती हैं, कोई नहीं जानता. बुखार में भी काम कर लेती हैं. पेट दर्द में भी. प्रेगनेंसी तक की जानकारी किसी को तबतक नहीं पड़ती, जबतक कोई दबी आवाज़ में बता न दे.
स्त्री कोई आम स्त्री नहीं, उसे वही चाहिए जिसका उसे इंतजार है. एक वेश्या के पुत्र का. एक ऐसा पुरुष जो उसकी आंखों में आंखें डालकर उसे प्रेम से देखे. उसे अपने बराबर समझे, अपनी कुंठा मिटाने का सामान नहीं. विक्की से स्त्री को प्रेम मिला, शायद इसलिए क्योंकि वो वेश्या का बेटा था. एक ऐसी औरत का बेटा जिसको स्त्री की ही तरह कभी इज्ज़त नहीं मिली. विक्की का मानना था कि स्त्री को खंजर मारकर उसे ख़त्म नहीं करना चाहिए. उसके पिता ने भी तो वेश्या से प्रेम किया था.
बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘डिसेंट’ यानी असहमति समाज का सेफ्टी वाल्व है. वरना प्रेशर कुकर सा ये समाज फट जाएगा. स्त्री का रोज़ का आना जाना नहीं था. वो मेले के समय आती थी. मेले भद्र समाज का सेफ्टी वाल्व होते हैं. वहां जाति के भेद नहीं होते. लिंग के भेद नहीं होते. सब रंग-बिरंगा होता है. रूसी फिलॉसफ़र मिखाइल बाख्तिन इसे कार्नीवलेस्क (कार्निवल का शाब्दिक अर्थ होता है ‘मेला’) कह गए हैं. उनके मुताबिक़ ये मेले सेफ्टी वाल्व होते हैं क्योंकि इसमें हंसने, मजाक उड़ाने, अपनी औकात से बाहर का काम करने की छूट मिलती है, भले ही चार दिन के लिए ही क्यों न सही. स्त्री के ये चार दिन पुरुषवाद को उलट देते हैं.
ऐसा नहीं है कि बाकी के साल महिलाओं पर अत्याचार नहीं होता. मगर उन चार दिनों तक महिलाओं को कोई परेशान नहीं करता. इन चार दिनों के लिए स्त्री मृत होकर भी जीवित होती है. और डरने की बारी पुरुष की होती है. आप कहेंगे क्या पुरुष को डराकर पुरुषवाद ख़त्म होगा? नहीं, शायद नहीं. पर कॉमेडियन हैना गैड्स्बी अपने बहुचर्चित शो नैनेट में कह गई हैं:
Friday, August 31, 2018
नज़रियाः विपक्षी गठबंधन से सीधी लड़ाई टालने को बनी शिवपाल की पार्टी
मुलायम सिंह यादव के परिवार में बिखराव पहले से ही था, अब उनकी समाजवादी पार्टी में भी बिखराव शुरू हो गया.
उनके छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव ने सपा से नाता तोड़कर बुधवार को समाजवादी
सेक्यूलर मोर्चा बनाने की घोषणा कर दी.
उनका कहना था कि वे पिछले
डेढ़ साल से इंतजार कर रहे थे कि मौजूदा पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें
उनके क़द के मुताबिक कोई ज़िम्मेदारी सौंपेंगे.लेकिन जब अखिलेश ने अपने चाचा की सुध लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई तो शिवपाल सिंह ने सपा छोड़कर अपनी अलग पार्टी बना ली.
उनका कहना था कि सपा के नेतृत्व के अहंकारी रवैये से कई समाजवादी नेता उपेक्षित महसूस कर रहे थे. अब वे सभी शिवपाल के मोर्चे में शामिल हो जाएंगे.
ख़ुद मुलायम सिंह यादव भी अखिलेश द्वारा समाजवादी पार्टी पर 'क़ब्ज़ा' किए जाने से नाराज़ हैं. वे अपने क़रीबियों के सामने कई बार अखिलेश के प्रति अपनी नाराज़गी जाहिर कर चुके हैं. संभव है कि वे शिवपाल के मोर्चे में शामिल हो जाएं. साथ हीपा में 1996 तक मुलायम सिंह के बाद शिवपाल दूसरे सबसे क़द्दावर नेता थे. यदि अखिलेश मुख्यमंत्री के पद पर बैठकर भी ख़ुद
को कमज़ोर पाते थे तो उसकी बड़ी वजह शिवपाल का ताक़तवर होना था. अखिलेश सरकार में शिवपाल एक समानांतर सत्ता के केंद्र थे. लेकिन 2016 के अंत में अखिलेश यादव ने शिवपाल को न सिर्फ मंत्रिमंडल से हटा दिया बल्कि पार्टी से भी निष्कासित कर दिया था.
साथ ही अमर सिंह को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. बाद में मुलायम सिंह के दख़ल से बीच का रास्ता निकाला गया लेकिन अखिलेश ने इस बीच मुलायम सिंह को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से हटाकर सपा के संगठन पर पूरी तरह क़ब्ज़ा कर लिया. तभी से अमर सिंह और शिवपाल, अखिलेश यादव से अलग राह तलाश कर रहे थे.
शिवपाल का इरादा अखिलेश से नाराज़ सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है.
इस पूरी प्रक्रिया में दो अहम बातें पीछे छूट गई हैं. पहली कि पिछले कुछ महीनों में शिवपाल यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कई बार मिले.
दूसरी कि सपा से निष्कासित राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने मंगलवार को लखनऊ में मीडिया से कहा कि उन्होंने शिवपाल की मुलाकात बीजेपी के
वरिष्ठ नेताओं से रखी थी लेकिन शिवपाल उस बैठक में आए ही नहीं.
यानी शिवपाल के फैसले के पीछे जिन लोगों का हाथ है उनमें अमर सिंह और योगी आदित्यनाथ प्रमुख हैं. अखिलेश के करीबी नेता खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि शिवपाल तो बीजेपी के हाथ की कठपुतली बन गए हैं और अब उनके जीवन का एकमात्र ध्येय सपा-बसपा-कांग्रेस के तालमेल को तोड़ना है. यदि वे इसे तोड़ने में नाकाम रहते हैं तो इसे ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचा दें.
दरअसल, विपक्षी महागंठन की चर्चा ने बीजेपी के होश उड़ा दिए हैं. साढ़े चार साल सरकार चलाने के बाद उसे समझ आ गया है कि उसके ख़िलाफ़ एंटी-इनकमबेंसी बहुत ज्यादा है. नोटबंदी से लेकर राफ़ेल डील पर उसके पास विपक्षी हमलों का कोई जवाब नहीं है. वहीं दलित और पिछड़ी जातियाँ भी उससे नाराज हैं.
ऐसे में, जाति समीकरणों के साथ ही चुनावी गणित में
भी बीजेपी और उसके सहयोगी इस महागठबंधन के सामने सीधी लड़ाई में कहीं नहीं ठहरते हैं. इसीलिए बीजेपी
यह भारतीय जनता पार्टी के 'डिमॉलिशन स्क्वॉड' है. फ़िलहाल इसने उत्तर प्रदेश में अपना काम करना शुरु कर ही दिया. धीरे-धीरे यह और प्रदेशों में भी सक्रिय होगा. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से निकाले गए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे हैं तो तमिलनाडु में बीजेपी
को डीएमके से तालमेल की उम्मीद थी.
लेकिन मंगलवार को आए स्टालिन के सख्त बयान के बाद बीजेपी की उम्मीदें अन्ना डीएमके के दिनाकरन गुट पर टिक गई हैं. साथ ही कमल हासन, विजयकांत और रजनीकांत की पार्टियाँ मिलकर चुनाव को बहुकोणीय बना देंगी.
इसी तरह उसकी उम्मीदें ओडिशा में बीजू जनता दल, आंध्र प्रदेश में तेलुगू देसम पार्टी और तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति के साथ तालमेल की है - यदि चुनाव पूर्व संभव न हो, तो चुनाव नतीजे आने के बाद सही.
यही वह तरीक़ा है जिससे एंटी-इनकमबेंसी के चलते कम होने
वाली सीटों की भरपाई हो सकती है. पूरी न हो तो आंशिक ही सही. एनडीए के पास आज 333 सीटें हैं. यानी बहुमत से 60 सीटें ज्यादा. अगर 2019 के चुनाव में वह बहुमत से कुछ दूर रह जाती है तो उसे उम्मीद है कि उसे नए सहयोगी मिलने में दिक़्क़त नहीं होगी. शिवपाल की पार्टी को प्रायोजित करना, उसी प्रयास का पहला क़दम है.
(अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार शरद गुप्ता से बातचीत पर आधारित)
(इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं. इसमें शामिल तथ्य और विचार बीबीसी के नहीं हैं और बीबीसी इसकी कोई ज़िम्मेदारी या जवाबदेही नहीं लेती है)
चाहती है कि उसे विपक्ष का सीधा मुकाबला न करना पड़े और लड़ाई कम से कम त्रिकोणीय जरूर हो.
Thursday, August 30, 2018
中国还是穷国吗?
富裕国家和贫困国家该如何应对气候变化的责任和资金,这仍旧是气候谈判中棘手的议题。中国属于哪个阵营?中外对话就此采访了数位专业人士。
邹骥,中国国家气候战略研究与国际合作中心副主任
葛艺豪,龙洲经讯咨询机构董事长,《中国经济季刊》编辑
关于“中国是否仍然属于贫穷国家”这个问题,如今可以十分直截了当地回答:不是。世界银行公布的国民总收入( )是衡量国家收入最常用的指标。 等于国内生产总值( )加上国外净收入。根据该指标,中国现在的人均国民总收入已达6560美元,在186个国家中位列第86位,被世界银行归类为“中等偏上收入国家”。尽管中国人均国民总收入目前略低于“中等偏上收入国家”7600美元的平均水平,但在未来几年,中国若能继续保持6-7%的增长水平,其人均国民总收入将很快超过这一水平。
邹骥,中国国家气候战略研究与国际合作中心副主任
中国是一个大国,但依然是一个穷国。
这个问题的背后,是发展的量度问题。发展经济学中有“巨国效应”的概念,拿一个形象的比喻来说明——一个人口众多的巨型国家,哪怕所有乞丐一天少吃一口馒头,这部分财富聚集起来,也许就可以发射导弹和人造卫星了。
中国不是一个富国。她有马云、有王石、有王健林这样富可敌国的人,同时也有巨大的人口、大量的贫困家庭,人均收入不高,并存在巨大的收入分配差距。中国有上亿户居民很穷,他们的房子水泥标号不够、不知孩子能否读完中学、没有足够的养老金,周末更不可能去马尔代夫旅游。如果一个国家30-40%的家庭处于这种状态,能说它富有吗?
现在,定义中国确实是个复杂的命题。很多一线城市居民的生活水平达已经达到了准发达国家的水平,一户家庭可以有几辆汽车、超过两套的住房,可是其他地区就很少有这种情况了。
如何量度一个经济体的能力?可以细分为政府能力、国家能力。中国政府的能力很强,掌握着几万亿的财政收入,然而同时也是世界上负担最重的政府,因为这些钱依然不够将全国农民的社保纳入财政体系。中国仍有1亿两千万人口处于贫困的生活水平之下。按照联合国的标准,中国的人均国民收入在世界上只排在90位左右,在联合国开发计划署公布的人类发展指数排序中的位次更低。有这样的富国吗?
发达国家一定是富国,但是富国不一定都是发达国家。沙特是富国,人均收入高达2万多美元了,但还说说它是发展中国家,就是因为除了卖油,沙特没有别的收入。政府80%的收入来自卖石油,油价跌下来了他就一贫如洗了。南非也是一样,人均GDP比中国高,但制造业只占19%,殊不知这么大的国家没有强大的制造业,是立不起来的。
不要看总量,总量并不意味着人民富有。中国首先不是富国。中国人均收入在7000美元,能否从7000美元升到10000美元还有很多困难,更何况还有二元经济结构问题,有二元框架下的广大农村,受到独特的中等收入陷阱的制约。中国既不是乍得,也不是美国。当下中国需要转方式调结构,应对中等收入陷阱的挑战。
陈懋修,清华—卡耐基全球政策中心
这个问题的背后,是发展的量度问题。发展经济学中有“巨国效应”的概念,拿一个形象的比喻来说明——一个人口众多的巨型国家,哪怕所有乞丐一天少吃一口馒头,这部分财富聚集起来,也许就可以发射导弹和人造卫星了。
中国不是一个富国。她有马云、有王石、有王健林这样富可敌国的人,同时也有巨大的人口、大量的贫困家庭,人均收入不高,并存在巨大的收入分配差距。中国有上亿户居民很穷,他们的房子水泥标号不够、不知孩子能否读完中学、没有足够的养老金,周末更不可能去马尔代夫旅游。如果一个国家30-40%的家庭处于这种状态,能说它富有吗?
现在,定义中国确实是个复杂的命题。很多一线城市居民的生活水平达已经达到了准发达国家的水平,一户家庭可以有几辆汽车、超过两套的住房,可是其他地区就很少有这种情况了。
如何量度一个经济体的能力?可以细分为政府能力、国家能力。中国政府的能力很强,掌握着几万亿的财政收入,然而同时也是世界上负担最重的政府,因为这些钱依然不够将全国农民的社保纳入财政体系。中国仍有1亿两千万人口处于贫困的生活水平之下。按照联合国的标准,中国的人均国民收入在世界上只排在90位左右,在联合国开发计划署公布的人类发展指数排序中的位次更低。有这样的富国吗?
发达国家一定是富国,但是富国不一定都是发达国家。沙特是富国,人均收入高达2万多美元了,但还说说它是发展中国家,就是因为除了卖油,沙特没有别的收入。政府80%的收入来自卖石油,油价跌下来了他就一贫如洗了。南非也是一样,人均GDP比中国高,但制造业只占19%,殊不知这么大的国家没有强大的制造业,是立不起来的。
不要看总量,总量并不意味着人民富有。中国首先不是富国。中国人均收入在7000美元,能否从7000美元升到10000美元还有很多困难,更何况还有二元经济结构问题,有二元框架下的广大农村,受到独特的中等收入陷阱的制约。中国既不是乍得,也不是美国。当下中国需要转方式调结构,应对中等收入陷阱的挑战。
陈懋修,清华—卡耐基全球政策中心
对于“中国是否还是穷国”这样一个复杂的问题,可以认为既是又不是。从国家整体财富或者GDP来看,如今的中国在世界上排名数一数二,仅次于美国。但从人均GDP来看,中国只排在世界90名左右,这反映了中国具有的庞大人口数量,以及中国居民的平均生活水平仍与北美和西欧等富裕国家存在巨大差距。
即便着眼于中国国内,答案也很复杂。东部沿海富裕地区城市居民与内地欠发达地区或农村地区居民之间的差距非常悬殊。有些人有机会上最好的大学、有机会进入政府或企业得到最好的工作,而另一些人则没有这样的机会。二者之间收入与生活水平产生了差距,中国贫困阶层、中产阶层与富裕阶层之间的分化日益增大。
关于中国是否“穷”的答案,放眼世界来看则不那么复杂和令人困惑。中国领导人在对外关系中明确表示中国是“发展中国家”。发展中国家不一定是穷国,但这确确实实地表明中国的财力和影响力尚未达到预期的程度。
2011年中国国务院发布《中国的和平发展》白皮书清晰地阐述了中国的官方外交政策框架。题目强调了中国作为一个发展中国家,将以有利于构建和维持全球和平环境的方式下继续寻求发展。自上世纪80年代改革开放以来,中国国内极大富裕,国际影响力显著提高。一代又一代的中国领导人也期待中国作为大国能够得到相应的尊重。
尽管中国领导人和大多数人民都明确地把中国定位为发展中国家,绝大多数中国人都期望能够拥有更多的财富和更大的影响力。中国的发展中国家身份不仅在国内造成了一些观点上的矛盾,在国外也引起了人们的困惑。在美国等这样的发达国家,他们看到中国令人惊叹的GDP增长,并将其视为一个日益富裕和强大的竞争者,而不再是200年前那个极贫积弱的国家。非洲、拉美甚至东南亚这些发展中国家,在对中国的发展成就心怀钦羡的同时,这些国家的领导人和民众也把中国视为一个日益富强的大国,在发展中国家中一枝独秀。
无论在国内还是国外,中国作为发展中国家的身份将面临越来越多地质疑,因为这一身份更多地反映了中国的过去,而非未来。
翟东升,中国人民大学中国对外战略研究中心副主任兼秘书长
在进行收入或者财富存量的国际性比较的时候,汇率是关键。而汇率定位的背后则是由一国的发展战略和政策优先项所确定的。打个极端的比方,如果让人民币兑美元的汇率迅速升值一倍,稳定在3而不是6附近,那么中国目前的人均GDP水平将在全球排名中大大提升,接近中等发达国家。
假如我们选择把汇率水平定位在较高水平上,那么名义财富量大大增加,环境会迅速改善。只不过这种急剧的调整将给中国社会带来太大冲击,有可能会造成一些问题,比如银行呆坏账,资产价格暴跌。中国新一代领导集体,尤其是从习本人的政策表态来看,在其政策轻重缓急次序中,结构调整和产业升级显然放在了经济增长的前边,但是事缓则圆,我们需要一些时间来落实这种调整。
中国在气候和环境问题上的政策,其实主要不是取决于收入水平,本质在于本国经济社会发展的思路和国际协商谈判中的代价分配。
中国的发展思路已经发生了重要变化。在十八届三中全会的报告中,习近平总书记已经用七大改革取代了过去三十年的“以经济建设为中心”。在这七大改革中,生态文明被放在同政治、经济、文化等改革同等重要的层面上。他对绿水青山和金山银山的关系论述,对“山水林田湖”的论述,政绩评价方式中GDP权重的调整,环保权力运作方式的改变,河北高炉的强制炸毁,所有这些都在提示我们:“美丽中国”之说并非空头支票。
但是在国际气候谈判中,以什么方式和原则设定何种水平的排放约束标准,这会牵涉到中国和其他发展中国家的发展与改革的政策回旋空间,有可能会固化现有的富国穷国关系,剥夺美日欧之外的60亿人的发展权利。这也是为什么中国一贯强调“共同但有差别的责任这一原则”。21世纪的头十年,气候问题在欧洲变成了一种宗教,我在欧洲工作的时候对这种氛围深有体会。关于气候问题,有许多科学性的和政治学的辩论,我不是气候问题专家,但是就我自己的看法,欧洲人自己吃胖了,非得拉着一群面有菜色的邻居一起减肥。现在中国刚刚长了点小肚腩,其利益和立场会逐渐因此而转变。我很感兴趣的问题是,在欧债危机打击,欧洲政治右转,地缘政治挑战之下的欧洲大国们,是否仍然有上一个十年那么大的激情去推动全球节能减排的国际议程。
葛艺豪,龙洲经讯咨询机构董事长,《中国经济季刊》编辑
关于“中国是否仍然属于贫穷国家”这个问题,如今可以十分直截了当地回答:不是。世界银行公布的国民总收入( )是衡量国家收入最常用的指标。 等于国内生产总值( )加上国外净收入。根据该指标,中国现在的人均国民总收入已达6560美元,在186个国家中位列第86位,被世界银行归类为“中等偏上收入国家”。尽管中国人均国民总收入目前略低于“中等偏上收入国家”7600美元的平均水平,但在未来几年,中国若能继续保持6-7%的增长水平,其人均国民总收入将很快超过这一水平。
各类其他数据也表明,中国现在已经是一个拥有丰富财政资源的国家,同时,它也是世界上最大的出口国和仅次于美国的第二大进口国。其外汇储备近4万亿美元,为世界第一大外汇储备国。目前,中国在其他国家的直接投资每年约为800亿美元,仅次于美国和日本。2000年到2012年间,中国对非洲的发展援助(包括官方贷款)已超过美国。
然而,说“中国并不贫穷”并不等于说“中国是一个富裕国家”。很明显,中国的确已经不再贫穷,但同样明显的是,中国也远不是一个富裕国家。根据世界银行的定义,中国人均国民总收入需提高两倍才有资格被称为高收入国家。而对于和中国人均国民收入相同的其他国家,如伊拉克、秘鲁和纳米比亚,没有人会板着脸称他们为富裕国家。中国的贫穷人口数量惊人:约2.5亿、占人口总数18%的人口每天的生活费用低于2美元。印度是唯一一个贫穷人口多于中国的国家。其7亿城市人口中大约有三分之一的人所住的房屋没有厨房和卫生间。
中国人口规模巨大,财政资源丰富。但是在未来的20年里,中国必须充分利用大部分资源,使人民有房可住、有学可上、有病可医,并提供其他社会服务,以使中国能够挤进发达国家之列。
Wednesday, August 29, 2018
俄罗斯拟在中国东北建核电站?
中国核能专家对俄罗斯国家原子能集团公司在中国东北城市哈尔滨建核电站的消息持保留意见。
据中国商务部网站8月11日消息,俄罗斯国家原子能集团公司正在考虑中方提出的在中国东北城市哈尔滨建核电站的提议,并计划近期赴华考察。但该源自俄罗斯24小时新闻频道的消息并未指明中方公司的名称。
中国多家媒体对此进行了报道,多认为这是俄罗斯单方面的意愿。有报道分析称,东北电力已然过剩,并无建核电站的需要。
中国核能专家何祚庥院士对中外对话说:“中央不会批的。”他认为这应该是地方接洽的。他说,为了确保安全,他坚持内陆不宜发展核电,目前的政策也只允许在东南沿海修建。
“俄罗斯建内陆核电技术是比我们高,但是核电不只是技术问题,还有管理体系和管理经验,”他说,“我们没有经验,如此草率冒进,安全很值得担忧。”
中德可再生能源中心执行主任陶光远也认为不太可能。他对中外对话说:“核电站历史上发生过两次大事故,一次是前苏联的切尔诺贝利核电厂,一次是日本福岛核电厂。现在安全是重要考量。”他分析说,中国正在进行试验从美国引进的第三代核反应堆技术,内地核电站即便要修也最少应用更稳定的第三代、甚至第四代核反应堆,不可能用旧技术。
中国核电建设在2011年日本福岛核电厂事故后曾有19个月停滞,在2013年重启。据何祚庥发表在中外对话上的文章,中国目前已建成15座核电站,2015年将有41座,但总体上均属于第二代技术。
据中国商务部网站8月11日消息,俄罗斯国家原子能集团公司正在考虑中方提出的在中国东北城市哈尔滨建核电站的提议,并计划近期赴华考察。但该源自俄罗斯24小时新闻频道的消息并未指明中方公司的名称。
中国多家媒体对此进行了报道,多认为这是俄罗斯单方面的意愿。有报道分析称,东北电力已然过剩,并无建核电站的需要。
中国核能专家何祚庥院士对中外对话说:“中央不会批的。”他认为这应该是地方接洽的。他说,为了确保安全,他坚持内陆不宜发展核电,目前的政策也只允许在东南沿海修建。
“俄罗斯建内陆核电技术是比我们高,但是核电不只是技术问题,还有管理体系和管理经验,”他说,“我们没有经验,如此草率冒进,安全很值得担忧。”
中德可再生能源中心执行主任陶光远也认为不太可能。他对中外对话说:“核电站历史上发生过两次大事故,一次是前苏联的切尔诺贝利核电厂,一次是日本福岛核电厂。现在安全是重要考量。”他分析说,中国正在进行试验从美国引进的第三代核反应堆技术,内地核电站即便要修也最少应用更稳定的第三代、甚至第四代核反应堆,不可能用旧技术。
中国核电建设在2011年日本福岛核电厂事故后曾有19个月停滞,在2013年重启。据何祚庥发表在中外对话上的文章,中国目前已建成15座核电站,2015年将有41座,但总体上均属于第二代技术。
Sunday, August 26, 2018
बिहार की 'पॉलिटिकल खीर' से किसका मुंह मीठा करना चाहते हैं उपेंद्र कुशवाहा
केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक
समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को एक पॉलिटिकल खीर
बनाने का नया फॉर्मूला दिया. आज इस बयान को आगे बढ़ाते हुए राजद नेता
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस तरह की खीर की ज़रूरत है.
शनिवार को
पिछड़ों के मसीहा कहे जाने वाले बीपी मंडल की जयंती थी. राजनीतिक दलों की
बात करें तो सबसे बड़ा आयोजन, केंद्र और बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए के घटक
दल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने किया. पटना के एसकेएम हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पिछड़ों की व्यापक एकता की ज़रूरत को रोचक अंदाज़ में सामने रखा.
उन्होंने कहा, ''यदुवंशियों (यादव समाज) का दूध और कुशवंशी (कुशवाहा समाज) के चावल मिल जाएं तो खीर बनने में कोई दिक्कत नहीं होगी. खीर मतलब सबसे स्वादिष्ट व्यंजन. अब इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनने से कोई रोक नहीं सकता है. लेकिन इसमें सिर्फ़ दूध और चावल से ही काम नहीं चलने वाला है, इसमें पंचमेवा की भी ज़रूरत पड़ती है. और उस पंचमेवा के लिए बीपी मंडल के इलाके में एक प्रचलित शब्द है- पंचफोरना. इसमें अतिपिछड़ा समाज के लोग, छोटी-छोटी संख्या वाली जातियों के लोग और शोषित-पीड़ित शामिल हैं. खीर को स्वादिष्ट बनाने के लिए उनके घर का पंचमेवा आवश्यक है.''
उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान को उनके राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन के साथ जाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. राजद पहले भी कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने का न्यौता देता रहा है.
दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा ने कल अपने बयान में जिन यदुवंशियों का जिक्र किया, एक जाति के रूप में बिहार में उनकी आबादी सबसे ज़्यादा है. पिछड़े वर्ग की जातियों में उनके बाद 'कुशवंशियों' की आबादी है.
माना जाता है कि अभी के दौर में यादव समाज का बड़ा हिस्सा राजद के साथ है जबकि उपेंद्र कुशवाहा समाज के एक बड़े नेता माने जाते हैं.
अनुमान के मुताबिक ये दोनों जातियां कुल मिलाकर बिहार की आबादी का करीब 20 फ़ीसदी हैं और इनका किसी एक गठबंधन में होना उसकी जीत की संभावनाओं को काफ़ी बढ़ा देता है.
कुशवाहा के कल के बयान का राजद नेता तेजस्वी यादव ने समर्थन किया है. उन्होंने ट्वीट किया, ''निःसंदेह उपेन्द्र जी, स्वादिष्ट और पौष्टिक खीर श्रमशील लोगों की ज़रूरत है. पंचमेवा के स्वास्थ्यवर्धक गुण ना केवल शरीर बल्कि स्वस्थ समतामूलक समाज के निर्माण में भी ऊर्जा देते हैं. प्रेमभाव से बनाई गई खीर में पौष्टिकता, स्वाद और ऊर्जा की भरपूर मात्रा होती है. यह एक अच्छा व्यंजन है.''
उपेंद्र कुशवाहा और उनकी पार्टी ने पहले भी कई मौकों पर बिहार की नीतीश सरकार की आलोचना की है. इतना ही नहीं उपेंद्र ख़ुद को इशारे-इशारे में मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी बता चुके हैं.
इसके बावजूद उपेंद्र कुशवाहा के कल के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनवाज़ हुसैन का कहना है कि एनडीए एकजुट है.
शहनवाज़ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ''उपेंद्र जी ने सही तो कहा है. उपेंद्र जी को पता है कि भूपेंद्र यादव, नित्यानंद राय, रामकृपाल यादव, नंदकिशोर यादव और उपेंद्र कुशवाहा जी का चावल मिलेगा. खीर तो बनी हुई है पहले से. वही विकास की खीर है जिसे देश के लोग खा रहे हैं. दूध पर अधिकार अब किसी एक पार्टी का नहीं रह गया है. दूध पर ज़्यादा अधिकार अब भारतीय जनता पार्टी का है. बिहार में एनडीए के चारों दल मिल कर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.''
वहीं जानकारों का मानना है कि चुनावी साल में ऐसे बयान आते रहते हैं और अंतिम समय में कौन कहां जाएगा, यह अभी पूरे दावे के साथ नहीं कहा जा सकता. वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार कुशवाहा के बयान को एक रणनीतिक बयान की तरह देखते हैं.
उन्होंने कहा, "पहले भी ऐसे हालात सामने आए हैं जब ये लगा कि उपेंद्र महागठबंधन में जा सकते हैं. हालांकि उन्होंने बार-बार इससे इनकार किया है. अभी फिर से उनका जो बयान आया है और जिस तरह से तेजस्वी ने इसका समर्थन किया है, उससे इन कयासों को बल मिला है कि वह एनडीए छोड़ सकते हैं."
अजय कहते हैं, "उपेंद्र कुशवाहा का एनडीए में बना रहना इस पर निर्भर करेगा कि भाजपा अपने घटक दलों के साथ किस तरह से सीटों का बंटवारा कर पाती है. उनके नए साथी नीतीश कुमार की चाहत है कि उन्हें ज्यादा सीटें मिलें. ये एक मसला बना हुआ है. नीतीश कुमार ने कहा भी था कि एक महीने के भीतर भाजपा की ओर से सीट बंटवारे का प्रस्ताव आ जाएगा. लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है.''
माना जाता है कि बीते साल नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के एनडीए में शामिल होने के बाद से ही कुशवाहा इस गठबंधन में सहज नहीं हैं. कुशवाहा लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति धीरे-धीरे सामने रख रहे हैं. वह एनडीए और महागठबंधन पर एक साथ निशाना साध रहे हैं. साथ ही जानकार यह भी मानते हैं कि उपेंद्र जिस भी गठबंधन में रहेंगे उसकी राजनीतिक खीर ज़्यादा स्वादिष्ट और मीठी होगी.
Friday, August 17, 2018
केरल: बाढ़ से 67 लोगों की मौत, राहत शिविरों में पहुँचे एक लाख लोग
केरल को 'ईश्वर का अपना देश' भी कहा जाता है. लेकिन इस राज्य को 94 साल की 'सबसे बड़ी बाढ़' का सामना करना पड़ रहा है.
केरल के कई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है.पिछले दो हफ़्तों में केरल के 14 ज़िले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. बाढ़ की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर अब 67 हो गई है.
सरकारी अधिकारियों ने बुधवार शाम को बताया कि 15 अगस्त के दिन बाढ़ की वजह से 25 लोगों की मौत हुई.
बाढ़ से प्रभावित सभी ज़िलों में राहत शिविर लगाए गए हैं. बताया गया है कि एक लाख से अधिक लोग घरबार छोड़कर इन राहत शिविरों में रह रहे हैं.
राज्य के विभिन्न हिस्सों में विद्युत आपूर्ति, संचार प्रणाली और पेयजल आपूर्ति बाधित है.
यहाँ ट्रेन सेवाएं बाधित हैं और सड़क परिवहन सेवाएं भी अस्त-व्यस्त हैं. जगह-जगह सड़कें पानी में डूब गई हैं.
अधिकारियों के अनुसार, कासरगोड़ को छोड़कर बाकी सभी ज़िलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. कॉलेजों और महाविद्यालयों ने परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं.
पलक्कड, वायनाड और कोच्चि कुछ ऐसे ज़िले हैं जिन्होंने कभी ऐसी आपदा का सामना नहीं किया.
कोच्चि में बचाव दल के एक कर्मचारी ने बीबीसी को बताया कि शहर में काफ़ी पानी घुस गया है. लोग कमर तक पानी में डूबे हैं, लेकिन वो अपने घर, अपनी जगह छोड़कर शिविर में जाने को तैयार नहीं हैं.
जोन्स नाम के एक बचावकर्मी ने बताया, "कोच्चि के जिस मोहल्ले में हम गए थे, वहाँ बच्चों समेत क़रीब 200 लोग फंसे हुए हैं. वो परेशानी में हैं. दुखी हैं. लेकिन अपनी संपत्ति छोड़ने से इनकार कर रहे हैं."
कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में पानी घुस जाने के कारण उसे शनिवार तक बंद करने की घोषणा की गई है.
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है और राज्य में बाढ़ के हालात पर उनसे विस्तार से चर्चा हुई है.
विजयन ने मंगलवार को इस साल के ओणम उत्सव को रद्द करने की घोषणा कर दी थी. ये उत्सव राज्यभर में मनाए जानेवाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है.
लेकिन केरल सरकार ने राज्यभर में सांस्कृतिक समारोह आयोजित करने के लिए दी जानेवाली 30 करोड़ रुपये की राशि को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दिए जाने का फ़ैसला किया है.
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लोगों से बाढ़ राहत कोष में मदद करने का आग्रह भी किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विटर पर एक बयान जारी कर लोगों से मदद मांगी है.
केरल सरकार ने राज्य के सभी छोटे-बड़े 27 बाँध खोल दिए हैं. इस वजह से रबर, चाय और ताड़ के खेतों में पानी भर गया है.
इडुक्की ज़िले में 65 वर्षीय किसान विक्रमण का कहना है कि पानी इतना ज़्यादा है कि उन्हें अपने खेतों की पहचान करने में भी मुश्किल हो रही है.न्होंने बताया, "हम नहीं जानते कि हमारी ज़मीन कहाँ है. पूरे इलाक़े में इतना पानी है कि खेतों की पहचान नहीं हो पा रही. इस साल की हमारी पूरी उपज बर्बाद हो जाएगी."
सड़कें डूबने की वजह से राज्य में खाने-पीने के सामान की सप्लाई भी बाधित हो गई है. सुंदरम नाम के एक व्यापारी ने बताया कि उनका काम ठप हो गया है. उन्होंने बताया कि इडुक्की ज़िले में बांध के क़रीब स्थित पूरा बाज़ार पानी में डूब गया है.
Friday, August 10, 2018
कपड़े उतारकर छात्रों के सामने डांस करती थी टीचर, दिखाती थी अश्लील वीडियो
गुजरात की एक टीचर ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी. पोरबंदर के एक
स्कूल की टीचर छात्र-छात्रों के सामने अपने कपड़े उतार कर डांस करती थी. यही नहीं वह छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाकर आपत्तिजनक बातें किया करती
थी. इस बात का खुलासा होने के बाद अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा
किया.
मामला पोरबंदर के शारदा विध्या मंदिर स्कूल का है. छात्रों के परिजनों का आरोप है कि आरोपी महिला टीचर छोटे-छोटे बच्चों को एक कमरे में बंद करके अपने कपड़े उतार देती थी और फिर उनके साथ अश्लील हरकतें करती थी. वो उन बच्चों के सामने डांस भी करती थी. बाद में बच्चों को इस बारे में किसी को भी नहीं बताने के लिए धमकी देती थी.
टीचर के इस बर्ताव से सभी छात्र-छात्राएं डरे हुए थे. मामले के खुलासा तब हुआ, जब एक छात्र ने परेशान होकर टीचर की हरकतों के बारे में अपने अभिभावकों को बताया. बच्चे से मामला जानकर अभिभावक स्कूल पहुंच गए. उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया. अधिकारी भी स्कूल पहुंच गए.
जब अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से टीचर के बारे में पूछा तो बच्चों ने टीचर की सारी करतूत बता दी. जिसे सुनकर अभिभावक और अधिकारी हैरान रह गए. इसके फौरन बाद पुलिस को सूचना देकर बुला लिया गया. पुलिस ने मौके पर जाकर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने आरोपी महिला टीचर का मोबाइल भी जब्त कर लिया है. उसकी जांच की जा रही है. टीचर के मोबाइल में कई अश्लील लीडियो क्लिप मिले हैं. आरोपी टीचर के खिलाफ आईपीसी की धारा 293, 294, और पोस्को के तहत मामला दर्ज किया गया है.
गुजरात की एक टीचर ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी. पोरबंदर के एक स्कूल की टीचर छात्र-छात्रों के सामने अपने कपड़े उतार कर डांस करती थी. यही नहीं वह छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाकर आपत्तिजनक बातें किया करती थी. इस बात का खुलासा होने के बाद अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया.
मामला पोरबंदर के शारदा विध्या मंदिर स्कूल का है. छात्रों के परिजनों का आरोप है कि आरोपी महिला टीचर छोटे-छोटे बच्चों को एक कमरे में बंद करके अपने कपड़े उतार देती थी और फिर उनके साथ अश्लील हरकतें करती थी. वो उन बच्चों के सामने डांस भी करती थी. बाद में बच्चों को इस बारे में किसी को भी नहीं बताने के लिए धमकी देती थी.
टीचर के इस बर्ताव से सभी छात्र-छात्राएं डरे हुए थे. मामले के खुलासा तब हुआ, जब एक छात्र ने परेशान होकर टीचर की हरकतों के बारे में अपने अभिभावकों को बताया. बच्चे से मामला जानकर अभिभावक स्कूल पहुंच गए. उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया. अधिकारी भी स्कूल पहुंच गए.
मामला पोरबंदर के शारदा विध्या मंदिर स्कूल का है. छात्रों के परिजनों का आरोप है कि आरोपी महिला टीचर छोटे-छोटे बच्चों को एक कमरे में बंद करके अपने कपड़े उतार देती थी और फिर उनके साथ अश्लील हरकतें करती थी. वो उन बच्चों के सामने डांस भी करती थी. बाद में बच्चों को इस बारे में किसी को भी नहीं बताने के लिए धमकी देती थी.
टीचर के इस बर्ताव से सभी छात्र-छात्राएं डरे हुए थे. मामले के खुलासा तब हुआ, जब एक छात्र ने परेशान होकर टीचर की हरकतों के बारे में अपने अभिभावकों को बताया. बच्चे से मामला जानकर अभिभावक स्कूल पहुंच गए. उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया. अधिकारी भी स्कूल पहुंच गए.
जब अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से टीचर के बारे में पूछा तो बच्चों ने टीचर की सारी करतूत बता दी. जिसे सुनकर अभिभावक और अधिकारी हैरान रह गए. इसके फौरन बाद पुलिस को सूचना देकर बुला लिया गया. पुलिस ने मौके पर जाकर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने आरोपी महिला टीचर का मोबाइल भी जब्त कर लिया है. उसकी जांच की जा रही है. टीचर के मोबाइल में कई अश्लील लीडियो क्लिप मिले हैं. आरोपी टीचर के खिलाफ आईपीसी की धारा 293, 294, और पोस्को के तहत मामला दर्ज किया गया है.
गुजरात की एक टीचर ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी. पोरबंदर के एक स्कूल की टीचर छात्र-छात्रों के सामने अपने कपड़े उतार कर डांस करती थी. यही नहीं वह छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाकर आपत्तिजनक बातें किया करती थी. इस बात का खुलासा होने के बाद अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया.
मामला पोरबंदर के शारदा विध्या मंदिर स्कूल का है. छात्रों के परिजनों का आरोप है कि आरोपी महिला टीचर छोटे-छोटे बच्चों को एक कमरे में बंद करके अपने कपड़े उतार देती थी और फिर उनके साथ अश्लील हरकतें करती थी. वो उन बच्चों के सामने डांस भी करती थी. बाद में बच्चों को इस बारे में किसी को भी नहीं बताने के लिए धमकी देती थी.
टीचर के इस बर्ताव से सभी छात्र-छात्राएं डरे हुए थे. मामले के खुलासा तब हुआ, जब एक छात्र ने परेशान होकर टीचर की हरकतों के बारे में अपने अभिभावकों को बताया. बच्चे से मामला जानकर अभिभावक स्कूल पहुंच गए. उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया. अधिकारी भी स्कूल पहुंच गए.
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Sunday, July 15, 2018
太阳能地球工程会在中国破土吗?
地球工程是指人类主动大规模干预地球自然系统以抗击气候变化的活动,主要有两种方式:阻挡太阳光和吸收大气中的二氧化碳。中国科学家大多专注于研究阻挡阳光的技术,这种技术为迅速降低地球温度提供了可能,但随之而来的风险还需仔细研究。
太阳能地球工程还没有经过测试,但火山爆发却是对阻挡太阳光这种方式的一种自然模拟。1991年菲律宾皮纳图博火山爆发向大气中释放了二氧化硫,形成硫酸盐气溶胶,一定程度上导致太阳光的散射,因此1992至1993年间地球温度下降了约0.4摄氏度。科学家们建议用配有特殊装置的飞机在7万英尺的高空喷洒气溶胶,来复制这种火山效应。
这种方法能让地球迅速降温,但终究没有解决温室气体这一问题的根源所在。大气不会回到工业革命前的状态,二氧化碳将继续造成海洋酸化,并且对生态系统产生其他影响。虽然从理论上讲,可以同时采用二氧化碳清除技术吸收大气中的二氧化碳,但这些技术也只处于试行阶段,面临着巨大的障碍。
权衡风险
北京师范大学英国籍教授、中国地球工程研究项目主持人约翰·摩尔说,太阳能地球工程太“疯狂”。
“唯一理智的解决办法就是停止化石燃料燃烧,”他说。
摩尔的观点在这一课题的研究人员中很常见,他们有的人对扮演上帝一样的角色去修补气候感到不适,有的则害怕自己会在不经意间研发出可以用做武器的技术。然而,科学家们的研究是以太阳能地球工程造成的风险可能远小于快速升温的风险这个假设为前提的。根据联合国环境规划署的预测,按照目前各国政府承诺的减排量,到本世纪末全球温度将上升至少3摄氏度。
众所周知,太阳能地球工程会带来许多健康和环境风险,包括降雨减少,以及臭氧耗竭导致皮肤癌发病率增高。
这些风险的严重性将取决于太阳能地球工程的部署程度。例如,如果只是适度部署,亚洲季风降水量的变化将非常小,但如果太阳能地球工程的部署规模大到足以抵消所有的全球变暖,降水量就会大大减少。
这些都是已知的风险,但摩尔提醒要注意“未知的未知数”。
中国的研究项目正在调查太阳能地球工程的风险和潜在影响,该项目由国家科技部资助,研究经费达 万元人民币。30多名科研人员组成的团队重点研究治理问题,并通过电脑建模理解地球工程的影响,尤其是对中国的影响。例如,其中一项研究模拟了向大气层喷射硫酸盐气溶胶将如何让处于不稳定状态的喜马拉雅冰川融化得慢一些,而这些冰川的安危事关中国的水安全。
项目首席中国科学家、浙江大学地球科学教授、中国IPCC报告作者之一的曹龙很谨慎地把研究和部署区分开来。
“我们做这个研究不代表我们以后就一定要实施地球工程,但是对这个研究本身是有意义的” ”他说。
飞向太阳
就在中国研究人员专注于通过建模研究地球工程的影响时,哈佛大学的科学家们正准备开始首次平流层太阳能地球工程实验,此次实验是一个由私人出资 万美元建立的项目的一部分。
今年,他们计划向亚利桑那州上空发射一个装有测量设备的气球。首次实验中,气球会向大气中喷洒冰晶,并从微观物理学的角度研究由此产生的一系列影响。但哈佛的科学家们最终可能会向平流层喷洒硫酸盐,从而研究皮纳图博火山喷发后呈现的地球工程方法。
太阳能地球工程还没有经过测试,但火山爆发却是对阻挡太阳光这种方式的一种自然模拟。1991年菲律宾皮纳图博火山爆发向大气中释放了二氧化硫,形成硫酸盐气溶胶,一定程度上导致太阳光的散射,因此1992至1993年间地球温度下降了约0.4摄氏度。科学家们建议用配有特殊装置的飞机在7万英尺的高空喷洒气溶胶,来复制这种火山效应。
这种方法能让地球迅速降温,但终究没有解决温室气体这一问题的根源所在。大气不会回到工业革命前的状态,二氧化碳将继续造成海洋酸化,并且对生态系统产生其他影响。虽然从理论上讲,可以同时采用二氧化碳清除技术吸收大气中的二氧化碳,但这些技术也只处于试行阶段,面临着巨大的障碍。
权衡风险
北京师范大学英国籍教授、中国地球工程研究项目主持人约翰·摩尔说,太阳能地球工程太“疯狂”。
“唯一理智的解决办法就是停止化石燃料燃烧,”他说。
摩尔的观点在这一课题的研究人员中很常见,他们有的人对扮演上帝一样的角色去修补气候感到不适,有的则害怕自己会在不经意间研发出可以用做武器的技术。然而,科学家们的研究是以太阳能地球工程造成的风险可能远小于快速升温的风险这个假设为前提的。根据联合国环境规划署的预测,按照目前各国政府承诺的减排量,到本世纪末全球温度将上升至少3摄氏度。
众所周知,太阳能地球工程会带来许多健康和环境风险,包括降雨减少,以及臭氧耗竭导致皮肤癌发病率增高。
这些风险的严重性将取决于太阳能地球工程的部署程度。例如,如果只是适度部署,亚洲季风降水量的变化将非常小,但如果太阳能地球工程的部署规模大到足以抵消所有的全球变暖,降水量就会大大减少。
这些都是已知的风险,但摩尔提醒要注意“未知的未知数”。
中国的研究项目正在调查太阳能地球工程的风险和潜在影响,该项目由国家科技部资助,研究经费达 万元人民币。30多名科研人员组成的团队重点研究治理问题,并通过电脑建模理解地球工程的影响,尤其是对中国的影响。例如,其中一项研究模拟了向大气层喷射硫酸盐气溶胶将如何让处于不稳定状态的喜马拉雅冰川融化得慢一些,而这些冰川的安危事关中国的水安全。
项目首席中国科学家、浙江大学地球科学教授、中国IPCC报告作者之一的曹龙很谨慎地把研究和部署区分开来。
“我们做这个研究不代表我们以后就一定要实施地球工程,但是对这个研究本身是有意义的” ”他说。
飞向太阳
就在中国研究人员专注于通过建模研究地球工程的影响时,哈佛大学的科学家们正准备开始首次平流层太阳能地球工程实验,此次实验是一个由私人出资 万美元建立的项目的一部分。
今年,他们计划向亚利桑那州上空发射一个装有测量设备的气球。首次实验中,气球会向大气中喷洒冰晶,并从微观物理学的角度研究由此产生的一系列影响。但哈佛的科学家们最终可能会向平流层喷洒硫酸盐,从而研究皮纳图博火山喷发后呈现的地球工程方法。
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